Rambhadracharya ram mandir
Rambhadracharya ram mandir

Rambhadracharya :

अयोध्या में भगवान राम का आगमन को अब कुछ ही दिन शेष हैं। 22 जनवरी को करोड़ों हिन्दुओं के आराध्य भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस कार्यक्रम में तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य भी सम्मिलित होंगे।

इससे पहले अयोध्या पहुंचे रामानंद संप्रदाय के चार प्रमुख गुरुओं में से एक जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी ने कहा कि उनकी प्रतिज्ञा भगवान ने पूरी कर दी है। ऐसे में जानिए संत रामभद्राचार्य ने कौनसा प्रण लिया था, जो अब राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से साथ पूरी होने जा रही है?

25 साल पुराना प्रण अब पूरा

अयोध्या पहुंचने और राम कथा के साथ संत रामभद्राचार्य जी का 25 साल पुराना प्रण भी पूरा होने जा रहा है। उन्होंने प्रतिज्ञा ली थी कि जब तक राम मंदिर बन नहीं जाता, तब तक वो अयोध्या में राम कथा नहीं कहेंगे। ऐसे में अब राम मंदिर के उद्घाटन के साथ उनकी बरसों पुरानी प्रतिज्ञा भी पूरी होने वाली है।

मालूम हो कि जन्म के दो महीने के बाद ही उन्होंने अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी। बावजूद इसके वे आज 22 भाषाओं के जानकार हैं। उन्होंने 80 ग्रंथों की रचना की है। 14 जनवरी, 1950 को जौनपुर (उत्तरप्रदेश) में जन्में रामभद्राचार्य जी के ज्ञान के सामने लोग तब नतमस्तक हो गए।

‘मेरी भगवान ने प्रतिज्ञा पूरी की’

जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वेद पुराण के उद्धरण के साथ रामलला के पक्ष में गवाही दी थी। तो बताया जाता है कि कहते हैं कि उसके बाद ही पूरे फैसले का रूख बदल गया। ऐसे में अब राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने पर उन्होंने कहा कि मेरी भगवान ने प्रतिज्ञा पूरी की है।

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राम मंदिर का निमंत्रण ठुकराकर कांग्रेस ने की भूल

वहीं एक न्यूज चैनल से बात करते हुए संत रामभद्राचार्य जी ने कहा कि राम मंदिर का निमंत्रण ठुकराकर कांग्रेस ने बहुत बड़ी भूल की है। उनको ऐसा नहीं करना था। भारत में रहना है तो जयश्रीराम कहना होगा। इसी के साथ उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का वही हाल होगा, जो हाल ही के विधानसभा चुनाव में हुआ था।

Rambhadracharya  : ‘मेरी प्रतिज्ञा पूरी हुई’, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले रामभद्राचार्य ने क्यों कही ये बात?