Atiq Mukhtar crime news
Atiq Mukhtar crime news

उत्तर प्रदेश में बीते एक साल में राज्य के दो सबसे बड़े माफिया डॉन अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी का अध्याय खत्म हो चुका है. मुख्तार अंसारी की जहां हार्ट अटैक से मौत हो गई वहीं अतीक अहमद को बीते साल तीन हमलावरों ने भाई समेत गोली मार दी थी. ये दोनों माफिया डॉन एक समय में यूपी में खौफ का दूसरा नाम हुआ करते थे.

Atiq-Mukhtar crime news :  उत्तर प्रदेश में पिछले एक वर्ष में ही दो माफिया डॉन मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद के आतंक का अंत हुआ। यूपी में इन दोनों को ही क्रोध का दूसरा नाम बताया जाता था। मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद ने अपने-अपने इलाके में इतना प्रभाव डाला था कि बिना उनकी अनुमति के वहाँ कोई काम नहीं होता था।

दक्षिणी उत्तर प्रदेश (प्रयागराज और आसपास) में अतीक अहमद का बहुत बड़ा प्रभाव था, लेकिन पूर्वांचल में मुख्तार अंसारी के आदेश पर ही सब कुछ होता था। हालाँकि उत्तर प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद दोनों का ही अंत हो चुका है। बीते साल अतीक अहमद को अस्पताल ले जाते वक्त गोली मार दी गई थी, जबकि मुख्तार अंसारी की तबियत खराब होने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

कैसे हुई मुख्तार अंसारी की मौत Atiq-Mukhtar crime news : 

गुरुवार की रात उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद पूर्व विधायक और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की तबियत अचानक खराब हो गई। मुख्तार अंसारी को शाम करीब साढ़े आठ बजे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वॉर्ड में लाया गया, जहां वह बेहोश था। लेकिन इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट, या दिल का दौरा, हो गया।

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प्रशासन ने रात करीब साढ़े दस बजे मुख्तार की मौत की सूचना दी, जिसके बाद पूरे उत्तर प्रदेश में पुलिस को हाई अलर्ट किया गया। मुख्तार अंसारी को पहले भी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उनके पास स्कूल नहीं था। डॉक्टरों ने उस वक्त उनका इलाज कर फिर से जेल भेज दिया था, लेकिन दूसरी बार उनकी जान नहीं बच पाई। मुख्तार अंसारी ने मौत से लगभग एक हफ्ते पहले कोर्ट में शिकायत की थी कि उसे धीमा जहर दिया जा रहा है।

Atiq Mukhtar crime news
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अतीक अहमद की हत्या कैसे हुई? Atiq-Mukhtar crime news :

अतीक अहमद को पिछले वर्ष अप्रैल में मार डाला गया था। दरअसल, अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ पिछले साल उमेश पाल की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए थे। 15 अप्रैल की रात 10 बजे, प्रयागराज में अतीक और उसके भाई को पुलिस ने मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाते समय पत्रकार बनकर आए अरुण मौर्या, सनी और लवलेश तिवारी ने गोलियों से छलनी कर दी।

तीनों हमलावर पहले पुलिस के काफिले के पास पहुंचे और अतीक और उसके भाई अशरफ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले के समय अतीक अहमद और अशरफ की सुरक्षा में 19 पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन फिर भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

Atiq-Mukhtar crime news : पहले अतीक और अब मुख्तार…एक साल में ऐसे खत्म हो गए पूर्वांचल में आतंक के दो अध्याय